If you are an avid Reader, Click Here to Sign in. Create bookmarks, post comments, engage in discussion with authors and other readers, increase your knowledge, proficiency in language, earn points and compare and share with others.

मंज़िल जब दूर लगे,

 चलते चलते पाँव थके,

 वादे सारे याद करो,

 रास्ते से प्यार करो।

 

 दिल कभी जब न लगे सपने कांटो से चुभे, 

उम्मीदों से घाव भरो, 

रास्ते से प्यार करो। 

हौसले जब है डगमगाते शक के बादल धुंधुला दे,

 रब पे तुम विश्वास करो

 रासते से प्यार करो

 

 ना मिले गर साथ कोई, 

किस्मत दिखे सोई सोई, 

अकेले ही हुंकार भरो,

 रास्ते से प्यार करो ।

 

 झिलमिलाते जाए जो तारे,

 चल दो तुम राम सहारे ,

 डर को अपने पर करो, 

रास्ते से प्यार करो। 

 

मंज़िल जब दूर लगे, 

चलते चलते पाँव थके, 

वादे सारे याद करो, 

रास्ते से प्यार करो।

 

 

 

 




Author

Nayan jaluka
Last Online: Sunday 05/08/18 | Published on: Tuesday 24/07/18

Nayan jaluka is the author of this content.

Share this page and spread the word!

Liked the Article? Review it here:

1       2       3       4       5      

Reader Reviews and Feedback:

No Reviews Yet...





Size:      || Mode:               || PlayStyle:            || Play: